सरसों के खेत में सेक्सी वीडियो

वाढदिवसाच्या वाढदिवसाच्या

वाढदिवसाच्या वाढदिवसाच्या, जेम्स- तुम दोनों की अजीब बात है.. दोनों को पता है कि मैं दोनों की चुदाई करता हूँ.. फिर भी सामने चुदवाने से ना कहती हो.. वो भी यही कहती है.. सुहानी उसे पढ़ाने लगी...लेकिन दोनों का मन पढाई में नही था...सुहानी ने उसे समझा दिया और उसके सामने वाले सोफे पे बैठ गयी...वो पढाई करने लगा...सुहानी भी कोई किताब पढ़ रही थी...सोहन चोरी चोरी ससुहानि को देख रहा था...सुहानी ने ये बात नोटिस की...

साना अपनी नज़र सम से हटाते है और अपनी ममता से भरी आवाज़ में कहती है. बेटा ..चल अब कुछ खा ले ना..कब से भूखा है .. बस .अब एक काम बाकी है..आम लोगो को शिकार बनाओ..कोई भी बचना नही चाहिए..चाहे जो हो जाए...अब देखता हूँ वो कैसे अपने लोगो को बचाता है.

जय- अरे विजय क्यों उसकी नींद खराब कर रहा है। रात को बेचारी की तबियत खराब थी। बड़ी मुश्किल से सोई थी। अब उसको उठा मत.. सोने दे.. वाढदिवसाच्या वाढदिवसाच्या वो जल बिन मछली की तरह तड़पने लगी.. अपने आपको छुड़ाने की कोशिश करने लगी.. मगर जेम्स ने उसके दोनों हाथों को मजबूती से जकड़ लिया था।

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  1. अब दोनों ही शान्त पड़ गए.. रश्मि की कमर में दर्द हो गया। जैसे ही जय ने लौड़ा बाहर निकाला.. वो बिस्तर पर कमर के बल लेट गई और लंबी साँसें लेने लगी। जय भी उसके पास ही लेट गया।
  2. सुहानी अपनी गांड पे अविनाश के हाथो स्पर्श बहोत अच्छा लग रहा था लेकिन वो यहाँ कुछ करने देना नही चाहती थी। बलात्कार video
  3. हो रही थी क्यों कि शादी के बाद भी बिना चुदाई के रही थी अपने पातिदेव के लंड के बारे मे सोचते ही मैं ठंढी हो जाती थी….मेगजीन पढ़तेपढ़ते मैं सो गयी तभी रात के 9 बजे होंगे……….. मेरी दोस्त चूत में उंगली घुमाते हुए बोली-क्या तुम अब असल में लड़का और लड़की वाला सेक्स करना चाहती हो?
  4. वाढदिवसाच्या वाढदिवसाच्या...और बस इसी तरेह सॅम और साना के प्यार की कहानी आगे बढ़ती रही , उनकी जिंदगी भी इसी रफ़्तार और तेज़ी से बढ़ती रही ... साजन- नो नो.. यह गलत है.. यह जरूर जय की कोई चाल है.. अरे मैं जीतूँगा तो पहले मैं ही जाऊँगा ना.. नो… मैं नहीं मानता इस बात को..
  5. रश्मि- ओह्ह.. भाई आप कैसी बातें कर रहे हो.. हम बिंदास हैं ये हमें पता है.. मगर उसको नहीं.. उस वक्त उसको पता लगता मैं आपकी बहन हूँ तो वो सोचता कैसी बहन है.. जो अपने भाई के साथ ब्रा लेने आई है.. ये मिडल क्लास लोग गलत ही सोचते हैं इसलिए मैंने दोस्त कहा.. समझे.. वीर..हाँ ऑर जब तुम उसे ऑर उसके काम को देखोगे तो हिल जाओगे .जितनी वो खूबसूरत उस से कही ज़्यादा उसका काम खूब सूरत है....

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भाभी- देख जेम्स.. अगर उसने मुझे संतुष्ट ना किया.. तो रात को तू मेरे साथ ही सोएगा, निधि को चुपचाप सोने को बोल देना।

.मम्मी उईइ दैयाआआअ कहते हुए रूम की तरफ भागी और अब्दुल ख़ान उनके मटकते चूतडो को देखते रहे.फिर आके मुझे गोद मे उठा लिया और गालो पे पप्पी ले ली…..और बेडरूम मे आकर पटक दिए..शायद वो मम्मी की चूची देख कर गरम हो गये थे…सीधे मेरी चूत मे लंड घुसा दिए और चोदने लगे. मैंने कहा-वो तो जब आपकी उमर पे पहुँचूंगी तब की बात होगी। आप तो अली भाई से ही शादी करोगी ना? अन डाक्युमेन्टेड तो हो चुकी है। डाक्युमेन्टेड कब करवाओगी? मैं तो वैसे ही आजकल कबाब में हड्डी बनी हुई हूँ…

वाढदिवसाच्या वाढदिवसाच्या,दोनों कुछ ज़्यादा ही मस्ती में आ गए और कोमल को कभी नीचे लेटा कर चूसते.. तो कभी हवा में उठा कर उसके मुँह को चोदते।

उधर...बिस्वा आशीष सेना के साथ आगे बढ़ रहा था सब गायब हो आगे जा रहे थे कि..बिस्वा एक नॉर्मल इंसान का रूप ले जंगल के पास खड़ा हो जाता है...

सुहानी:- उफ्फ्फ्फ़ मेरा सर तो दर्द से फटा जा रहा है....बेवजह ही कल पार्टी में चली गयी और शराब पि...लेकिन मेरे कपडे??? लगता है नशे में मैंने ही उतार फेके होंगे...उसने दरवाजे की और देखा वो बंद था...उसने इधर उधर नजर घुमाई...उसका ड्रेस वही जमीन पे पड़ा था...सर्विस टैक्स क्या है

विजय- अरे अब वो बड़ी हो गई है.. अच्छा है ना.. थोड़ा घूमेगी-फ़िरेगी तो दिल लगा रहेगा उसका.. वैसे क्या आपने शाम के लिए उसको बता दिया? और दूसरी रोशनी की किरण थी उसका हरदयाल के बिज़्नेस से लगाव....हरदयाल की वापसी की कल्पना और सपनों में खोई ..वो इसे बर्बाद नही होने देना चाहती ..उस ने बड़े अच्छे से पूरा बिज़्नेस संभाल लिया था...

बाजी के रूम का दरवाजा खुला हुआ था और मैं नंग-धड़ंग रूम में घूम रही थी, क्योंकी अब मुझे नंगा रहने या घूमने में शरम नहीं आती थी। मैं बाजी की उलझन को समझ ना सकी।

रमा अपना मुह खोल के राहुल के बड़े लन्द को चूसना सुरु कर देती है राहुल उसके सिर पे दबाब डालता है जिससे पूरा लण्ड उसके गले तक उतर जाता है रमा मुह से लन्द को निकाल के खाँसने लगती है,वाढदिवसाच्या वाढदिवसाच्या रश्मि को जय की इस हरकत पर बहुत प्यार आया.. वो मुस्कुराती हुई चादर लेकर सो गई। जय ने रश्मि की नाईटी को देखा.. तो जल्दी से चादर उठा कर अन्दर ही छुपा दिया। उसके बाद दरवाजा खोला तो विजय सीधा अन्दर आ गया।

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