एक्स एक्स एक्स पंजाबी सेक्सी वीडियो

జీ తెలుగు తెలుగు

జీ తెలుగు తెలుగు, रात के 11 बज चुके थे. काँच की हवेली अपनी उसी शान से खड़ी अपनी छटा बिखेर रही थी. हवेली के सभी नौकर सर्वेंट क्वॉर्टर में सोने चले गये थे. सिर्फ़ दो सुरक्षा-कर्मी अपने अपने कंधों पर बंदूक लटकाए हवेली की निगरानी में जाग रहे थे. अमर ने कुछ देर मेरे स्तनों को जी भर चूसने के बाद मेरे पूरे जिस्म को चूमा फिर मेरी पैंटी निकाल दी और मेरी टांगों को फैला कर मेरी योनि के बालों को सहलाते हुए योनि पर हाथ फिराने लगा।

अमित: (नीचे फर्श की ओर देखते हुए) आंटी जी में बहुत अपसेट हूँ, और रात बहुत हो चुकी है, सुबह बात करते है……. कार मे बैठे-2 राजा साहब सोच रहे थे कि वो कितने किस्मतवाले हैं कि मेनका जैसी बहू मिली.और फिर वोही ख़याल आया उन्हे,अगर वो उनकी पत्नी होती तो?

सड़क तक आने के बाद कंचन रवि से विदा लेकर घर के रास्ते बढ़ गयी. रवि भी बाइक पर बैठकर हवेली की ओर बढ़ गया. జీ తెలుగు తెలుగు जब पोलीस हॉस्पिटल मे मेनका का बयान लेने आई तो राजा साहब की बात ना मानते हुए मेनका ने वही फिसल कर गिरने वाली कहानी बताई.राजा साहब के पूच्छने पर उसने कहा कि विश्वा को उसके किए की सज़ा मिल रही है फिर दुनिया को सच बताकर परिवार को और बेइज़्ज़त क्यू करें.

सूट सलवार वाला सेक्सी

  1. रामू: आप क्यों फिकर कर रहे है….उसको समझा दिया है…..उसने तो आपको बुलाया है….देखना वो आपसे माफी भी माँगेगी….
  2. मेरे दिमाग में अब कुछ भी नहीं था, मैं सब कुछ भूल चुकी थी। अब मुझे कुछ हो रहा था तो बस ये कि मेरी टांगों के बीच कोई मखमली चीज रगड़ रही है। मेरी योनि के अन्दर कोई सख्त और चिकनी चीज़ जो मुझे अजीब सा सुख दे रहा है। चोदने का वीडियो दिखाइए
  3. हम दोनों मस्ती के सागर में डूब गए। फिर सुरेश ने कहा- सारिका तुम्हारी बुर बहुत कसी है, बहुत मजा आ रहा है चोदने में..! क्या मेरी जान?,राजा साहब वैसे ही लंड रगड़ रहे थे.उन्होने लंड चूत पे रख हल्का सा धक्का दिया & फिर झट से निकाल लिया तो मेनका जोश मे पागल हो गयी.
  4. జీ తెలుగు తెలుగు...तो हमसे कुछ रो आगे बैठे जोड़े ने अचानक ही चूमा चाटी करना चालू कर दिया मैंने इशारे से ताई को दिखाया तो वो हसने लगी मैंने भी ताई का हाथ अपने लंड पर रख दिया तो उसने हटा लिया मैंने हाथ से उसका लिंग पकड़ लिया और अपनी योनि के छेद पर टिका कर उसका सुपाड़ा अन्दर कर लिया। फिर मैंने अपनी कमर उठा दी। यह देख उसने जोश में जोर का धक्का मारा तो उसका लिंग मेरी बच्चेदानी से टकरा गई।
  5. मैंने सूटकेस चढ़ाये और फिर ताई को भी चढ़ाया और खुद चढ़ गया तो ड्राईवर ने आवाज लगाई- भाई चढ़ के पर्दा गिरा लेना अच्छे से कीमती सामान है तो धुप धुल नही लगनी चाहिए मैंने मना कर दिया जाने से, कहा- अगर सब चले जायेंगे तो पलक अकेली रह जाएगी और वो अभी जानती भी नहीं यहाँ किसी को।

बर्फ के पानी रगड़त बानी

वो शाम को जब फुर्सत में होती तो हम घन्टों बातें करते और मैं हमेशा यही प्रयास करती कि वो अपने दु:खों को भूल जाए। इसलिए वो जो भी मजाक करती, मैं उसका जरा भी बुरा नहीं मानती। वो कोई भी ऐसा दिन नहीं होता कि मेरे पति के बारे में न पूछे और मुझे छेड़े ना।

सुबह सूरज की रोशनी चेहरे पर पड़ने से मेनका की आँख खुली.विश्वजीत कमरे मे नहीं था & वो पलंग पर अकेली नंगी पड़ी थी.वो उठकर बाथरूम मे आ गयी.नौकरानियों ने कल ही उसका सारा समान उसकी ज़रूरत के हिसाब से उसको रूम मे अरेंज कर दिया था. वो पूरी मस्ती में आकर अपनी कमर को हिलाने लगा। कभी मेरे बालों पर हाथ फिराता तो कभी मेरे पीठ पर तो कभी कूल्हों को प्यार करता। काफी देर चूसने के बाद मेरे जबड़ों में दर्द होने लगा सो मैंने छोड़ दिया। इसके बाद अमर ने मुझे सीधा लिटा दिया और मेरे ऊपर आ गया और फिर मुझे सर से पाँव तक चूमने लगा।

జీ తెలుగు తెలుగు,कुछ दिनों के बाद उस लड़की शालू का फिर से सन्देश आया और वो मुझे याहू पर बात समझाने लगी.. अपनी तरकीब बताने लगी।

माफ़ कीजिएगा डॉक्टर....असल में हम काफ़ी देर से आपका इंतेज़ार कर रहे थे. आपके नीचे ना आने की वजह से हम परेशान हो रहे थे. ठाकुर साहब अपनी झेंप मिटाते हुए बोले -वैसे आपके कपड़ों को क्या हुआ? दीवान जी कह रहे थे कि आपके पास कपड़े नही हैं.

रात के 11 बज चुके थे. काँच की हवेली अपनी उसी शान से खड़ी अपनी छटा बिखेर रही थी. हवेली के सभी नौकर सर्वेंट क्वॉर्टर में सोने चले गये थे. सिर्फ़ दो सुरक्षा-कर्मी अपने अपने कंधों पर बंदूक लटकाए हवेली की निगरानी में जाग रहे थे.आ दिल में तुझे रख लूं

दोनो एक-दूसरे को चूमते हुए चुदाई कर रहे थे.मेनका ने अपनी कमर हिलाना शुरू कर दिया & अपने ससुर के होठों को कस लिया,वो झाड़ गयी थी & तभी राजा साहब ने भी उसकी चूचियो पे अपनी पकड़ बहुत मज़बूत कर दी &1-2 धक्के लगा कर उसकी चूत मे अपना पानी छ्चोड़ दिया. मेरे बदन में सनसनाहट होने लगी और मैंने उनके होंठों और जुबान को चूसना शुरू कर दिया और उन्होंने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया।

दीवान जी के इनकार से मुझे किसी बड़े षड्यंत्र की बू आने लगी थी. अब तक मैं इनके हर राज़ से वाक़िफ़ था. मैं समझ गया ये किसी बड़े अपराध को जन्म देने वाले हैं. कुच्छ ऐसा करने वाले हैं जिसके बारे में मुझसे भी पर्दे दारी की जा रही है.

हमारे घर पर प्लास्टिक की कुर्सियाँ थी और हम दोनों अलग-अलग कुर्सी पर बैठे थे। उन्होंने मुझे चूमते-चूमते मुझे अपनी गोद में बिठा लिया। मुझे उनका लिंग उनके पैंट के ऊपर से मेरे कूल्हों में महसूस हुआ, वो काफी उत्तेजित लग रहे थे और अपना लिंग मेरे कूल्हों की दरार में रगड़ने लगे।,జీ తెలుగు తెలుగు सुबह सूरज की रोशनी चेहरे पर पड़ने से मेनका की आँख खुली.विश्वजीत कमरे मे नहीं था & वो पलंग पर अकेली नंगी पड़ी थी.वो उठकर बाथरूम मे आ गयी.नौकरानियों ने कल ही उसका सारा समान उसकी ज़रूरत के हिसाब से उसको रूम मे अरेंज कर दिया था.

News