पथरी वाली माता उज्जैन

चाची की चुदाई की

चाची की चुदाई की, अब आ गयी ना औकात पर...लास्ट मे एक्सपेरिमेंट की रीडिंग चेक करते वक़्त मैने धीमे से कहातुम्हे कभी नही भूलना चाहिए कि मैं अरमान हूँ और जो ये बात भूल जाते है मैं उन पर आटम बॉम्ब गिरा देता हूँ.... दारू पीने गया था ,अब बोल...जब मेरा माथा ठनका तो मैं सीधे आर-पार की लड़ाई पर उतर आयाइसे समझा लो रे कोई,वरना यही पर लाल कर दूँगा...फिर जाकर चाहे अपने बाप को बताना या फिर अपने बगल वाली के बाप को....

कही साला डेविड और उसकी फॅमिली तो नही आई है...एका-एक मेरे 1400 ग्राम के भेजे मे ये ख़याल कौधा और फिर ये ख़याल बीत रहे हर सेकेंड्स के साथ प्रबल होता गया... ज़िंदगी कभी हर सिरे से खुशहाल नही रहेगी मेरे दोस्त और जितनी जल्दी हो सके हमे इसकी आदत डाल लेनी चाहिए...

मुझे उस वक्त कुच्छ भी समझ नही आ रहा था कि क्या बोलू,क्या पुच्छू ,क्या करू,क्या सोचु और आप सभी सज्जन पुरुष और महिला कह सकते हो कि अट लास्ट मैं भी शरमाने लगा..... चाची की चुदाई की जब डार्क नाइट राइज़स डाउनलोड हुई तो हम दोनो लाइब्ररी से निकल कर बाहर आए...हम दोनो पार्किंग के पास से भी गुज़रे,लेकिन तब भी मुझे ये याद नही आया कि एश ने मुझे पार्किंग मे मिलने के लिए बुलाया था क्यूंकी मेरे दिल-ओ-दिमाग़ मे तो कालिया के वो शब्द घूम रहे थे,जो उसने मुझसे लाइब्ररी मे कहे थे....

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  1. चल शुरू हो जा...वरुण, जो कि सामने वाली एक टेबल पर बैठा था ,वहाँ से उठकर सीधे हमारी तरफ आया और साथ मे हॉस्टिल का वो सीनियर भी....
  2. गान्ड मरा तू...मुझसे क्या पुच्छ रहा है. कोई आए चाहे ना आए लेकिन यदि इन लोगो ने मुझे फिर मारा तो लवडा मैं सॉफ बोल दूँगा कि इसमे तेरा हाथ था, हमलोग को छोड़ दो... हिंदी ओपन सेक्स वीडियो
  3. हां...मेरा मतलब ना...मतलब हां.....एक मिनिट,मुझे पहले सोचने दो कि कुच्छ देर पहले मैं क्या सोच रहा था.....थोड़े देर चुप्पी धारण करने के बाद मैने कहाएक दम करेक्ट है, मैं यहिच सोच रेला था...तेरा सिक्स्त सेन्स तो एक दम फाडू काम करता है बीड़ू... आइ वॉंट टू नो मोर अबाउट देम की उनका रिलेशन्षिप कब से और कैसे शुरू हुआ था....हॉस्टिल के अंदर घुसते ही मैने अरुण से कहा....
  4. चाची की चुदाई की...इसकी तो ये भी मेरी तरह भाग कर घूमने गयी थी...आज कल के स्टूडेंट्स मे सरिफि बची ही नही है सिवाय मेरे... तो इन्हे दबा कसकर...अपने सीने की तरफ इशारा करते हुए उसने कहा और एक बार फिर से अपना हाथ मेरी अंडरवेर के अंदर के डाल दिया,
  5. देखो अरमान...मैं जानती हूँ कि वो वीडियो तुम्ही ने प्रिन्सिपल के हाथो तक पहुँचाया था और मैं क्या,सारा कॉलेज ये जानता है... कॉल रिसीव करने के बाद निशा मुझे बात करने मे थोड़ा हिचकिचा रही थी जिसकी वजह उसके पास बैठी उसकी माँ थी...

कल्याण का सट्टा मटका का चार्ट

एक तरफ वो मुझे मना कर रही थी कि मैं उसके साथ वैसा कुछ भी नही करूँ लेकिन दूसरी तरफ वो खुद को मुझे सौंप भी रही थी, सच मे एक अजीब सी कश मकश थी हमारे बीच.........

कॅंप मे जाने का मेरा जो प्रमुख उद्देश्य था,वो तो पूरा नही हुआ...उल्टा लेने के देने पड़ गये,वो अलग.... मैने तुम्हे अपना बॉय फ्रेंड इसलिए नही कहा ताकि तुम मेरा बिल भरो बल्कि इसलिए क्यूंकी तुम यही चाहते थे....

चाची की चुदाई की,कॉल डिसकनेक्ट करने के बाद मैने वरुण की बाइक उठाई और हॉस्पिटल के लिए निकल पड़ा...वैसे मैने निशा से हॉस्पिटल का नाम नही पुछा था लेकिन मुझे 101 % मालूम था कि निशा का रहीस बाप नागपुर के सबसे बेस्ट हॉस्पिटल मे अड्मिट होगा और मेरी ये सोच एक दम सही निकली...

टाइम कितना हुआ है...आँखे मलते हुए मैं उठकर बैठ गया, और घड़ी पर नज़र दौड़ाई, सुबह के 8 बज रहे थे....भारी मन से मैने बिस्तर छोड़ा और बाथरूम मे घुस गया....

यदि कुछ लफडा हुआ तो...कॅंटीन मे घुसते ही मैने अरुण से कहाहॉस्टिल वाले सीनियर का नंबर है ना तेरे पास...आधार कार्ड चेक करने का तरीका

एक बात बताओ....मैने अरुण के मूह से सिगरेट छीन ली और सीडार की तरफ देखकर कहाआप प्रजा-तन्त्र मे विश्वास रखते हो या राज-तन्त्र मे.... अब किधर चलने का प्लान है...अरमान भाई...राप्पेल्लिंग वाली जगह से जब हम लोग बहुत आगे आ गये तो पांडे जी ने पुछा...जबकि जवाब वो पहले से जानता था....

वो नज़ारा देखने लायक था, जब हॉस्टिल के सारे लड़के झाड़ियो से कूद-कूद कर ग्राउंड की तरफ दौड़ रहे थे...कयि तो वहाँ से भाग निकले ,लेकिन ज़्यादा दूर तक नही भाग पाए...क्यूंकी जिस तरफ वो भागे थे,उधर से भी हॉस्टिल के लड़के आ रहे थे.....

नागपुर के बारे मे मैने सुन रखा है कि यहाँ रात बिताने के लिए खूबसूरत लड़किया बहुत सस्ते दामो मे मिल जाती है...खूबसूरत वर्ड पर मैने जानबूझ कर ज़्यादा ज़ोर दिया,ताकि निशा जल भुन जाए...और जैसे कि मेरा अंदाज़ा था निशा का रियेक्शन ठीक वैसा ही था...,चाची की चुदाई की बीसी ,मुझे पेलने का प्लान बना रहे थे तो कुच्छ अच्छा प्लान बनाते...ये भी कोई प्लान है....लवडा इससे अच्छा प्लान तो मैं तब बना लेता था...जब मैं प्लान की स्पेलिंग तक नही जानता था....हुह. बीसी एक सूपरहीरो को ऐसे चूतिए प्लान से मारोगे....

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